तेल कंपनियों की चांदी: वित्त वर्ष 2025-26 में रोजाना ₹116 करोड़ का मुनाफा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मिला फायदा

नई दिल्ली

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई नरमी के बीच भारत की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, तेल कंपनियों ने इस वित्त वर्ष में औसतन 116 करोड़ रुपए प्रतिदिन का मुनाफा दर्ज किया है।

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहाँ कंपनियों का मुनाफा आसमान छू रहा है, वहीं आम जनता को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वैसी राहत नहीं मिली, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

मुनाफे के पीछे का गणित

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम स्थिर या कम रहे, लेकिन घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों में बड़ी कटौती नहीं की गई।

  • कम लागत: रूस और अन्य देशों से रियायती दरों पर कच्चे तेल की खरीद ने कंपनियों की लागत को कम रखा।

  • रिफाइनिंग मार्जिन: कंपनियों का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) इस साल काफी बेहतर रहा, जिससे शुद्ध मुनाफे में भारी बढ़ोतरी हुई।

पिछले साल के मुकाबले बड़ी बढ़त

पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस साल तेल कंपनियों के प्रदर्शन में शानदार सुधार देखा गया है। आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने तिमाही नतीजों में लगातार बढ़त दर्ज की है।

क्या कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

इतना भारी मुनाफा कमाने के बाद अब सरकार और तेल कंपनियों पर पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने का दबाव बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है: “यदि कच्चा तेल इसी स्तर पर बना रहता है, तो कंपनियां आने वाले महीनों में ₹2 से ₹5 तक की राहत आम उपभोक्ताओं को दे सकती हैं।”

मुख्य बिंदु:

  • दैनिक मुनाफा: ₹116 करोड़ प्रति दिन।

  • मुख्य कारण: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कम कीमतें।

  • प्रभाव: कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत हुई, लेकिन रिटेल कीमतों में बदलाव का इंतजार।

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