मिडिल-ईस्ट तनाव से ट्रैवल सेक्टर को बड़ा नुकसान, रोजाना करीब ₹5500 करोड़ का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक ट्रैवल और एविएशन सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तनाव के कारण ट्रैवल इंडस्ट्री को रोजाना करीब 5500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के कारण कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के रूट बदल दिए हैं या कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं। इससे यात्रियों की संख्या और बुकिंग पर भी असर पड़ा है।
मध्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच उड़ानों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक विमानन और पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है।
ट्रैवल कंपनियों और एयरलाइंस के अनुसार, बढ़ते ईंधन खर्च, रूट डायवर्जन और कम होती यात्रियों की संख्या के कारण उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन, विमानन कंपनियों और वैश्विक व्यापार पर और अधिक पड़ सकता है।
