शहीद गनर जितेंद्र सिंह: पत्नी की आंखों में आंसू, परिवार खेत में बनाएगा स्मारक

राजस्थान के बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुए एक दर्दनाक हादसे में गनर जितेंद्र सिंह शहीद हो गए। दौसा जिले के गाजीपुर गांव के रहने वाले जितेंद्र, अपने गांव के पहले शहीद थे। 38 साल के जितेंद्र सिंह, जम्मू में ट्रेनिंग कर रहे थे और 19 दिसंबर को घर लौटने वाले थे, लेकिन 18 दिसंबर को हुई दुर्घटना में उनकी जिंदगी का अध्याय खत्म हो गया।

टैंक में गोला लोड करते समय 35 किलो का गोला फट गया और इस विस्फोट में जितेंद्र सिंह के साथ दो और जवान भी शहीद हो गए। शहीद होने से पहले जितेंद्र ने अपनी पत्नी रेखा से कहा था कि वह 12 बजे तक ट्रेनिंग पूरी कर लेंगे, लेकिन सुबह 10 बजे हुई इस घटना ने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। रेखा को हादसे की सूचना 18 घंटे बाद मिली। उन्हें बताया गया कि जितेंद्र घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन जब वे अपने बच्चों दीपेंद्र और दिव्या के साथ गाजीपुर पहुंचे, तो उन्हें असलियत का पता चला कि उनका जीवनसाथी अब इस दुनिया में नहीं रहा। रोते हुए रेखा ने कहा, “17 साल तक कभी उनसे अलग नहीं हुई, और अब एक महीने में ही उनका साथ छूट गया।”

जितेंद्र सिंह ने 2005 में 19 साल की उम्र में सेना जॉइन की थी और हाल ही में प्रमोशन पाने के बाद जून 2027 में रिटायर होने वाले थे। उनके परिवार में उनका एक और भाई नरेंद्र भी सेना में है। शहीद गनर जितेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ शुक्रवार को किया जाएगा। परिवार ने उनके स्मारक के लिए खेत में जगह तय की है, ताकि शहीद का सम्मान हमेशा बरकरार रहे।