‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 26 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।
छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। इससे पहले पीएम मोदी ने मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर राज्य की सांस्कृतिक शक्ति और जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।
आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई, जो राज्य के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है।
कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की पीएम मोदी ने की सराहना
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति, भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट और रिचार्ज वेल जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण का काम किया जा रहा है। राज्य सरकार इसे एक व्यापक जन-अभियान का रूप देगी।
कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि और ‘हर घर तिरंगा’ की अपील
मुख्यमंत्री साय ने कारगिल विजय दिवस पर मातृभूमि की रक्षा में सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों को नमन किया। इसके साथ ही उन्होंने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करने की अपील की।
वोकल फॉर लोकल और मिट्टी के गणेशजी अपनाने का आह्वान
पीएम मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संदेश पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं।
आगामी गणेशोत्सव को लेकर उन्होंने नागरिकों से मिट्टी की बनी पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने का आग्रह किया, जिससे स्थानीय कुम्हारों को रोजगार मिलेगा और जल प्रदूषण रुकेगा। साथ ही उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में जुड़ने का आह्वान किया।
युवा शक्ति की उपलब्धियों पर गर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष, विज्ञान और खेल के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियां नए भारत की ताकत को दर्शाती हैं। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा और नागरिक उपस्थित थे।
