“कानून-व्यवस्था ध्वस्त, फैसले दिल्ली से: रायपुर में बोले सचिन पायलट”

कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने रायपुर में बड़ा बयान देते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि “ऐसा लगता है जैसे प्रदेश दिल्ली से मैनेज हो रहा है, रायपुर से नहीं। जिन्हें जनता ने शासन चलाने का आशीर्वाद दिया है, वे भी हर निर्णय के लिए दिल्ली की ओर देख रहे हैं।”

सचिन पायलट दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे हैं और राजीव भवन में कांग्रेस की मैराथन बैठकें ले रहे हैं। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक, जिला अध्यक्ष और संगठन के प्रमुख नेता शामिल हुए हैं। इसमें अब तक के कार्यों की समीक्षा की जा रही है और 2025 के लिए संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा हो रही है।

“हर निर्णय के लिए दिल्ली की ओर क्यों देख रहे हैं?”

पायलट ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा में प्रभावशाली मुद्दे उठाए हैं। अब पार्टी जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के लिए संगठन की नई रूपरेखा तैयार की जा रही है और यह साल राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा संगठन को समर्पित किया गया है।

नक्सलियों पर कार्रवाई संवेदनशील और पारदर्शी हो: पायलट

गृह मंत्री अमित शाह के ‘नक्सलियों को सोने नहीं देंगे’ बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पायलट ने कहा, “हम हिंसा के खिलाफ हैं, लेकिन कार्रवाई पारदर्शी और संवेदनशील होनी चाहिए। यह आंतरिक सुरक्षा का विषय है, इसलिए सबको विश्वास में लेकर कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।”

उन्होंने कहा कि हमारे जवान अपनी जान जोखिम में डालकर देश के लिए लड़ते हैं, इसलिए किसी भी निर्णय में संवेदनशीलता और संतुलन होना जरूरी है। पायलट ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन का जो टारगेट तय किया गया है, उस पर सोच-समझकर कठोर कदम उठाने की ज़रूरत है।

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