गरियाबंद में अवैध रेत खनन की खबर बनाने पहुंचे पत्रकारों पर हमला, कैमरा और आईडी छीने, जान बचाकर भागे

गरियाबंद जिले के पितईबंद घाट (पैरी नदी) पर अवैध रेत खनन की खबर कवर करने पहुंचे पत्रकारों के साथ मारपीट की गई। माफियाओं ने पहले उनसे बहस की, फिर कैमरा और पहचान पत्र छीन लिए और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान हमलावरों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया।

यह घटना राजिम थाना क्षेत्र की है, जहां अवैध रेत खदान संचालित हो रही थी। खदान संचालक के 7-8 गुर्गे पहले से वहां मौजूद थे। पत्रकारों का पीछा बाइक और स्कूटी से किया गया, जिससे उन्हें जान बचाने के लिए खेतों में छिपना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, हमलावर हथियारों से लैस थे। पत्रकार इमरान मेमन के सिर पर लोहे के हथियार से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। पत्रकार थानेश्वर साहू, जितेंद्र सिन्हा और अन्य साथी उनके साथ मौजूद थे।

उन्होंने मौके पर अवैध रेत परिवहन में लगे वाहनों की सूचना जिला खनिज अधिकारी को दी थी, लेकिन माइनिंग विभाग की टीम के बजाय खदान संचालक के गुर्गे वहां पहुंचे और हमला कर दिया।

घटना के बाद पत्रकार इमरान ने मीडिया व प्रशासनिक समूह में एक वीडियो संदेश भेजा। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। कलेक्टर भगवान सिंह यूके ने तत्काल एसडीएम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए।

एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने जानकारी दी कि राजिम पुलिस को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम वहां पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

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