जंतर-मंतर पर CJP का संसद मार्च: सोनम वांगचुक की रिहाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन और प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ लगातार जारी है। NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर चल रहे इस आंदोलन में प्रख्यात एक्टिविस्ट और शिक्षाविद सोनम वांगचुक का समर्थन भी बना हुआ है, जिन्होंने अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
CJP प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से की मुलाकात
आंदोलन के बीच CJP के प्रतिनिधिमंडल (सौरव दास और आशुतोष रांका) ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख माँगें रखी हैं:
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सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई: अस्पताल/हिरासत से वांगचुक को जल्द से जल्द छोड़ा जाए।
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: NEET पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद से इस्तीफा दें।
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पीड़ित परिवारों को मुआवजा: परीक्षा में धांधली से आहत होकर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी, सोनम वांगचुक का संदेश
संसद के सत्र और CJP के ‘संसद मार्च’ के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए गए सोनम वांगचुक ने एक लिखित संदेश के जरिए साफ किया है कि शिक्षा में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका अनशन जारी रहेगा।
CJP नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी जायज माँगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन और प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
