रायपुर , 22 दिसंबर 2022 : राजधानी रायपुर में पशु क्रूरता एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शराबियों ने आवारा कुत्ते के हाथ पैर बांधा फिर उसके गले में फांसी का फंदा लगाकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना न्यू राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र की है।
यहां अमलीडीह शराब भट्टी के पास एक डॉगी कुछ शराबियों को देखकर भौंक रहा था वहीँ शराबियों को कुत्ते का भौंकना रास नहीं आया जिससे नाराज होकर शराबी युवकों ने कुत्ते का पैर बांधा और उसे एक दीवार पर फांसी पर लटका दिया। फांसी के फंदे पर लटकाने से कुत्ते की मौत हो गई। जिस कुत्ते की हत्या की गई वह अमलीडीह इलाके के शराब भट्टी के पास घूमा करता था।
इस मामले में पुलिस ने बताया कि इस तरह की सूचना तो आ रही है लेकिन अब तक किसी तरह की शिकायत नहीं हुई है। यदि इस तरह की घटना हुई होगी तो निश्चित तौर पर शिकायत के आधार पर पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम
भारत में पशुओं के खिलाफ क्रूरता को रोकने के लिए साल 1960 में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम लाया गया था। साथ ही इस एक्ट की धारा-4 के तहत साल 1962 में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का गठन किया गया। इस अधिनियम का उद्देश्य पशुओं को अनावश्यक सजा या जानवरों के उत्पीड़न की प्रवृत्ति को रोकना है। मामले को लेकर कई तरह के प्रावधान इस एक्ट में शामिल हैं। जैसे, अगर कोई पशु मालिक अपने पालतू जानवर को आवारा छोड़ देता है, या उसका इलाज नहीं कराता, भूखा-प्यासा रखता है तब ऐसा व्यक्ति पशु क्रूरता का अपराधी होगा।
यह है सजा का प्रावधान
इसके अलावा अगर कोई किसी पशु को मनोरंजन के लिए अपने पास रखता है और उसके साथ क्रूरता का व्यवहार करता है तो वह भी अपराध है। ये सभी संज्ञेय और जमानती अपराध होते हैं, जिनकी सुनवाई कोई भी मैजिस्ट्रेट कर सकता है। ऐसे अपराधों के लिए कम से कम 10 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती है। न्यू राजेंद्र नगर थाना प्रभारी योगिता बाली खापर्डे ने कहा, सूचना मिलने पर पेट्रोलिंग टीम घटना स्थल पर भेजी गई। मामले को जांच में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।