चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर गर्माया विवाद: महाराष्ट्र के CEO ने ECINet में बदलाव और स्थानीय अधिकारियों के अधिकारों की मांग की; CEC के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

ECINet की तकनीकी सीमाओं से स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों की शक्तियों पर पड़ा असर
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कांग्रेस का देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन
रायपुर (UPI24 News)। स्पेशल इंसेंटिव/इंटेेंसिव रिवीजन (SIR) और मतदाता सूचियों में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई है। एक ओर प्रशासनिक स्तर पर सॉफ्टवेयर सीमाओं और अधिकारियों के अधिकारों को लेकर सवाल उठे हैं, तो दूसरी ओर राजनीतिक स्तर पर भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
महाराष्ट्र CEO ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) एस. चोकलिंगम ने भारत निर्वाचन आयोग को एक पत्र भेजकर ECINet सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने की मांग की है।
CEO ने पत्र में उल्लेख किया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों के सत्यापन और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसीज (विसंगतियों) को निपटाने में स्थानीय स्तर के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सॉफ्टवेयर की वर्तमान सेटिंग्स और एक्सेस सीमाओं के कारण स्थानीय अधिकारी अपने कानूनी अधिकारों का पूरी तरह उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। CEO ने मांग की है कि सॉफ्टवेयर में ढील देकर स्थानीय अधिकारियों की शक्तियां बढ़ाई जाएं ताकि वे परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले सकें।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
दूसरी ओर, मतदाता सूचियों में विसंगतियों और नियमों में बदलाव के मुद्दों को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। कांग्रेस पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए देशभर में विरोध-प्रदर्शन किया है।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग मतदाता सूचियों में निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहा है और मनमाने नियमों के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CEC के इस्तीफे की मांग की है।

