छत्तीसगढ़ में ईद उल-फितर की धूम, नमाज और भाईचारे का उत्सव

ईद उल-फितर का त्योहार छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनाया गया। सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की गई। इसके बाद, लोग एक-दूसरे को गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद देते नजर आए। बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो नए कपड़े पहनकर बड़े-बुजुर्गों के साथ नमाज पढ़ने पहुंचे। सभी ने सामूहिक रूप से देश में शांति, सुकून और भाईचारे की दुआ मांगी।

रायपुर में ईद की विशेष नमाज

रायपुर के ईदगाह भाठा समेत अन्य मस्जिदों में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की विशेष नमाज अदा की। 30 दिन के कठिन रोजे के बाद, ईद के दिन लोगों ने नमाज अदा कर प्रदेश की खुशहाली और तरक्की की दुआ की।

राजनीतिक नेताओं द्वारा मुबारकबाद

इस अवसर पर बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने भी मुस्लिम समाज के लोगों को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।

रोजे और ईद का महत्व

रमजान के महीने में 30 दिन के रोजे के दौरान, रोजेदार सूर्य उदय से पहले सहरी और सूर्यास्त से पहले इफ्तार करते हैं। रोजे के दौरान नमाज अदा कर और कुरान पढ़कर इबादत की जाती है। इस पाक महीने में फितरा और जकात देकर गरीबों की मदद की जाती है। ईद के दिन घरों में शाही भोजन और सेवइयां बनाई जाती हैं और एक-दूसरे के घर जाकर मुंह मीठा कराया जाता है।

अंबिकापुर और रायगढ़ में ईद की खुशियां

अंबिकापुर में भी विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद देते नजर आए। रायगढ़ में भी ईद के दिन मुस्लिम समाज के लोग ईदगाहों में इकट्ठा हुए और एक-दूसरे को बधाई दी।

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