शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: क्रूड ऑयल 110 डॉलर के पार, सेंसेक्स 550 अंक टूटा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर, निवेशकों में बढ़ी चिंता

मुंबई/नई दिल्ली, 18 मई 2026।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।

सप्ताह के कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स 550 अंक गिरकर 74,700 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निवेशकों के बीच बाजार को लेकर चिंता का माहौल देखा गया।

तेल की कीमतों ने बढ़ाया दबाव

विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता का विषय होती है। इससे महंगाई बढ़ने, आयात बिल में इजाफा होने और रुपए पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि तेल कीमतों में तेजी का असर सबसे ज्यादा एविएशन, ऑटो और पेंट सेक्टर की कंपनियों पर पड़ सकता है।

निवेशकों में बढ़ी सतर्कता

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बीच निवेशकों ने बाजार में मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके चलते बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में दबाव देखा गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल की कीमतें भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगी।

आम लोगों पर भी पड़ सकता है असर

यदि क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इसका असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। इससे —

  • पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं
  • परिवहन लागत बढ़ सकती है
  • महंगाई में तेजी आ सकती है
  • घरेलू खर्च पर असर पड़ सकता है

बाजार की नजर वैश्विक हालात पर

फिलहाल निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों, तेल उत्पादक देशों की नीतियों और अमेरिकी बाजार के संकेतों पर बनी हुई है।