रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान, बोले- समर्पण और अनुशासन से हर लक्ष्य संभव
रायपुर, 2 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सक्ती जिला कार्यालय में आयोजित एक भव्य ‘मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह’ में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने राज्य एवं जिला स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम की बदौलत जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से बेहद आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य, करियर की योजनाओं और रुचियों के बारे में खुलकर बात की। संवाद के दौरान बच्चों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और डॉक्टर बनने जैसी अपनी ऊँची आकांक्षाएं साझा कीं।
विद्यार्थियों के इस आत्मविश्वास की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
“जो विद्यार्थी बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हैं और पूरी निष्ठा से उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, सफलता स्वयं उनके कदम चूमती है। कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।”
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा की भावना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
पूरे प्रदेश का गौरव हैं ये बच्चे
श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज सम्मानित होने वाले मेधावी छात्र न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश का गौरव हैं। उनकी यह सफलता दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
समारोह में उपस्थित गणमान्य नागरिक: इस गौरवशाली अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, सक्ती कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
