रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘मुस्कुराता बस्तर’ पहल की सराहना, बोले- कार्टून कला बच्चों में रचनात्मकता और सकारात्मक सोच विकसित करती है

रायपुर, 6 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनसंपर्क विभाग और कार्टून वॉच की संयुक्त पहल ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि कार्टून कला बच्चों में रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इन्हें प्रदेशभर में निरंतर आयोजित किया जाना चाहिए।

गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बस्तर में आयोजित ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान के अंतर्गत कार्टून प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की जानकारी दी तथा अभियान पर आधारित स्मारिका मुख्यमंत्री को भेंट की।

कला व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कला समाज को जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण का भी सशक्त माध्यम है। उनके अनुसार कार्टून केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों को सरल, सहज और प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त करने की प्रभावी विधा है।

उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को शुरुआती उम्र से ही रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसर मिलें तो उनमें आत्मविश्वास, तार्किक सोच, संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है। उन्होंने शिक्षा के साथ कला, साहित्य, खेल और संस्कृति जैसी गतिविधियों को भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां आयोजित होती रहेंगी, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।

बस्तर के 100 विद्यार्थियों को मिला कार्टून कला का प्रशिक्षण

जनसंपर्क विभाग और कार्टून वॉच द्वारा संचालित ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान के तहत जगदलपुर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्टून प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित कार्टूनिस्टों ने विद्यार्थियों को कार्टून कला की तकनीक, रेखांकन, व्यंग्य की अभिव्यक्ति, दृश्य संप्रेषण और रचनात्मक सोच के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही बच्चों को चित्रों के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता व्यक्त करने और सामाजिक विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में सृजनात्मक सोच को बढ़ावा देना और कला के माध्यम से सामाजिक जागरूकता विकसित करना है।