सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधिकरण और आधुनिक तकनीक से खेती बनेगी अधिक लाभकारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 4 अगस्त 2026।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन की आधारशिला है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधिकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण और कृषि आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित कर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी रायपुर में आयोजित ‘किसान और किसानी-प्रोत्साहन तथा परिणाम’ विषयक संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों को कृषि नवाचार, उत्कृष्ट खेती और उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

किसान परिवार से जुड़ाव ने खेती की चुनौतियों को समझने का अवसर दिया

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनका जीवन स्वयं खेती-किसानी से जुड़ा रहा है। किसान परिवार में जन्म लेने के कारण उन्होंने बचपन से खेतों में काम किया और किसानों की समस्याओं को करीब से देखा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री रहते हुए भी वे नियमित रूप से अपने गांव और खेतों की जानकारी लेते थे।

उन्होंने कहा कि आज किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के कारण किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध हो रहा है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर केसीसी ऋण मिलने से खेती पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक बनी है।

3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी और रिकॉर्ड उत्पादन

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद किसानों से किए गए सभी प्रमुख वादों को पूरा किया गया। छत्तीसगढ़ आज देश के उन राज्यों में शामिल है जहां किसानों को धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य मिल रहा है। राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है। साथ ही पूर्व में लंबित दो वर्षों का बोनस भी किसानों को दिया गया।

उन्होंने बताया कि पिछले खरीफ विपणन सीजन में प्रदेश के लगभग 25 लाख किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।

फसल विविधिकरण को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केवल धान पर निर्भर रहने के बजाय किसानों को दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन कर धान के स्थान पर अन्य फसलें लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि बागवानी, सब्जी उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी और लघु वनोपज आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा देकर किसानों की आय के नए स्रोत विकसित किए जा रहे हैं।

सिंचाई परियोजनाओं को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में सिंचाई सुविधाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार नई सिंचाई परियोजनाओं, बैराज, एनीकट और नहर विस्तार पर तेजी से कार्य कर रही है। किसानों को सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बस्तर की इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से बैराज निर्माण किया जाएगा। वहीं सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों के लिए लगभग 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

आधुनिक तकनीक और ड्रोन से बदल रही खेती

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब ‘ड्रोन दीदी’ बनकर नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं और आधुनिक तकनीकों के जरिए बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षित युवा भी आधुनिक खेती और कृषि आधारित उद्योगों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो कृषि क्षेत्र में बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

बस्तर में विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद कमजोर होने के बाद बस्तर में विकास का नया दौर शुरू हुआ है। नियद नेल्लानार योजना और सेवाडेरा मॉडल के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। नेतानार सेवाडेरा में इमली पैकेजिंग जैसी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।

नई उद्योग नीति से युवाओं को रोजगार

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि राज्य की नई उद्योग नीति को देशभर में सकारात्मक प्रतिसाद मिला है। अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू किए जा चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रेलवे अधोसंरचना का भी विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विकास के साथ-साथ राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में भी तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान संचालित हैं। वहीं बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होने से अब जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का विश्वस्तरीय उन्नयन किया जा रहा है। साथ ही खरसिया-परमलकसा रेल लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है और लंबे समय से लंबित कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना भी अब साकार होने जा रही है।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन जी महाराज, नई दुनिया समाचार पत्र के संपादक श्री सतीश चंद्र श्रीवास्तव, कृषि विशेषज्ञ, प्रगतिशील किसान एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।