शिवरीनारायण में चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

महानदी के संरक्षण और जल संचय को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान
शिवरीनारायण। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ शिवरीनारायण में महानदी के पावन तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में सहभागिता की। उन्होंने महानदी मैया की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ की गंगा मैया और प्रदेश की जीवनरेखा है। यह नदी हमारी आस्था, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से गहराई से जुड़ी है। नदियों के प्रति श्रद्धा तभी सार्थक होगी, जब हम उनके संरक्षण, स्वच्छता और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
उन्होंने वर्षा जल संचय, भूजल पुनर्भरण और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद को सहेजना आवश्यक है। सोकपिट निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और तालाबों-कुओं के संरक्षण जैसे उपायों को जनभागीदारी से व्यापक रूप दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण अभियान से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में भी इसे जनआंदोलन बनाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम और माता शबरी से जुड़ी शिवरीनारायण नगरी प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसकी विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नदियों को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने की अपील की, वहीं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शिवरीनारायण की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने की बात कही।
महाआरती में सांसद कमलेश जांगड़े, नारायण चंदेल, महंत रामसुंदर दास सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

