छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ की धूम, सीएम विष्णुदेव साय के निर्देश पर बच्चों का अनूठा स्वागत

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही ‘शाला प्रवेश उत्सव’ की जबरदस्त धूम देखने को मिल रही है। 16 जून से शुरू हुआ यह विशेष अभियान आज भी पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ जारी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देशानुसार, ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा का एक सकारात्मक माहौल तैयार किया गया है।

स्कूलों में पहली बार कदम रखने वाले और नए प्रवेश लेने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों का स्वागत बेहद आत्मीय ढंग से किया जा रहा है। शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बच्चों को तिलक लगाकर, गुलाल लगाकर और मुंह मीठा कराकर शाला प्रवेश कराया जा रहा है, जिससे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखर गई है।

मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और मिड-डे मील का वितरण मुख्यमंत्री के मंशानुरूप, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। इसी कड़ी में प्रवेश के पहले ही दिन से बच्चों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं:

  • निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें: बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए तुरंत मुफ्त किताबों का वितरण किया जा रहा है।

  • स्कूल यूनिफॉर्म: सभी पात्र छात्र-छात्राओं को शासन की ओर से मुफ्त गणवेश (यूनिफॉर्म) बांटे जा रहे हैं।

  • मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal): स्कूलों में बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक मध्याह्न भोजन परोसा जा रहा है, ताकि उनका स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों बेहतर बनी रहे।

अभिभावकों में भी भारी उत्साह शासन के इस कदम से न सिर्फ बच्चे बल्कि उनके माता-पिता और अभिभावक भी बेहद खुश नजर आ रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ को एक त्योहार की तरह मनाया जा रहा है, जिससे सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले (Enrolment) को और अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।