रायपुर-भिलाई: अंतिम संस्कार से पहले जिंदा हुआ युवक, दोबारा इलाज के दौरान तोड़ा दम

छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रायपुर के एक निजी अस्पताल द्वारा कथित तौर पर मृत बताए जाने के बाद, अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय एक 30 वर्षीय युवक के शरीर में अचानक हलचल होने लगी। हालांकि, परिजनों द्वारा दोबारा अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

 क्या है पूरा मामला?

  • बाथरूम में गिरने से लगी थी चोट: पुरानी भिलाई के देव बलोदा निवासी रामअवतार रात्रे 3 जून को अपने घर के बाथरूम में अचानक गिर गए थे। गिरने की वजह से उनकी पसलियों में गंभीर चोट आई थी।

  • अस्पताल में भर्ती: परिजनों ने उन्हें तुरंत रायपुर के लोधी पारा चौक स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत बेहद नाजुक बताई।

  • परिजन शव लेकर लौटे: परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने रामअवतार को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद वे शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाने लगे।

 एम्बुलेंस में अचानक हिलने लगे हाथ-पैर

जब परिजन शव को एम्बुलेंस से लेकर लौट रहे थे, तभी अचानक रामअवतार के शरीर में हरकत दिखाई देने लगी और उनके हाथ-पैर हिलने लगे।

अंतिम संस्कार रोका गया: इस बीच घर पर अर्थी सज चुकी थी और टेंट भी लग चुके थे। जैसे ही एम्बुलेंस में हलचल की खबर मिली, परिजनों ने तुरंत अंतिम संस्कार की तैयारियों को रोक दिया और युवक को फौरन मेकाहारा (रायपुर) अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उसे दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ समय बाद उसने सच में दम तोड़ दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

 अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों का क्या कहना है?

इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। अस्पताल के डॉ. आशीष मित्तल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा:

  1. मृत घोषित नहीं किया गया था: मरीज की हालत बेहद गंभीर थी, लेकिन अस्पताल ने उन्हें मृत घोषित (Death Certificate जारी) नहीं किया था।

  2. मर्जी से ले गए परिजन: परिवार वाले अपनी मर्जी से मरीज को अस्पताल से लेकर गए थे और इसके लिए उन्होंने LAMA (Leave Against Medical Advice) फॉर्म पर हस्ताक्षर किए थे।

  3. पुलिस को दी सूचना: प्रबंधन का कहना है कि उनके पास इलाज और डिस्चार्ज से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित हैं और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है।

वर्तमान में पीड़ित परिवार ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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