उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव: अतिथि व्याख्याताओं के लिए नई नीति लागू, समाप्त हुई पीरियड आधारित व्यवस्था, मिलेंगे ₹2,000 प्रतिदिन और 11 वैतनिक अवकाश
रायपुर:
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों (Government Colleges) में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं (Guest Lecturers) के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए नई नीति (New Policy) लागू कर दी है। इस नए फैसले से प्रदेश भर के उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े सैकड़ों अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
पीरियड आधारित व्यवस्था पूरी तरह समाप्त
नई नीति के तहत अब कॉलेजों में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं के लिए सालों से चली आ रही पीरियड (घंटे) आधारित भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। पहले शिक्षकों को केवल उनके द्वारा पढ़ाए गए पीरियड के हिसाब से ही भुगतान किया जाता था, जिससे उनके वेतन में अनिश्चितता बनी रहती थी।
नई नीति में मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं
राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के अंतर्गत अतिथि व्याख्याताओं को निम्नलिखित प्रमुख लाभ और सुविधाएं दी जाएंगी:
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11 महीने की निरंतर सेवा: अतिथि व्याख्याताओं को अब पूरे 11 महीने की सेवा अवधि का सेवा अनुबंध प्रदान किया जाएगा।
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प्रतिदिन ₹2,000 मानदेय: भुगतान का नया मानक तय करते हुए इन्हें ₹2,000 प्रतिदिन का मानदेय निर्धारित किया गया है।
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11 वैतनिक अवकाश (Paid Leaves): शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र के दौरान 11 दिनों का वैतनिक अवकाश भी मिलेगा, जिससे अवकाश लेने पर उनके मानदेय में कटौती नहीं होगी।
उच्च शिक्षा विभाग के इस कदम से कॉलेजों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर होगा और अतिथि व्याख्याताओं को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी।
