छत्तीसगढ़ में बड़ा साइबर थ्रेट: सरकारी योजनाओं का डेटा लीक होने का दावा, रूसी हैकर्स के बाजार में केवल 10 डॉलर में बिक रही जानकारी
रायपुर, 16 जुलाई 2026:
छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुरक्षा और नागरिकों की गोपनीयता को लेकर एक बेहद ही चिंताजनक खबर सामने आ रही है। डार्क वेब (Dark Web) और इंटरनेशनल साइबर मार्केट में एक सनसनीखेज दावा किया गया है, जिसके मुताबिक छत्तीसगढ़ की कुछ प्रमुख सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ा नागरिकों का संवेदनशील डेटा हैकर्स के हाथ लग गया है।
दावे के अनुसार, इस डेटा को रूसी साइबर बाजारों (Russian Cyber Markets) में मात्र 10 डॉलर (लगभग ₹830) की मामूली कीमत पर खुलेआम बेचा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की सुरक्षा और आईटी (IT) एजेंसियां तुरंत हाई अलर्ट पर आ गई हैं।
डार्क वेब पर कौड़ियों के भाव बिक रही संवेदनशील जानकारी
साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स की पैनी नजर के बाद यह मामला प्रकाश में आया है। हैकर्स द्वारा डार्क वेब के फोरम पर जो डेटा सैंपल पोस्ट किए गए हैं, उनमें सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की व्यक्तिगत जानकारियां शामिल होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इतने बड़े पैमाने पर और बेहद कम कीमत में डेटा उपलब्ध होने की बात सामने आने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
सुरक्षा और आईटी एजेंसियां जांच में जुटीं
इस सनसनीखेज दावे के सामने आते ही छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियां, स्टेट डेटा सेंटर के तकनीकी विशेषज्ञ और आईटी सेल सक्रिय हो गए हैं।
-
सर्वर की जांच: तकनीकी टीमें इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि क्या वाकई किसी विभाग के सर्वर में कोई सेंधमारी (Data Breach) हुई है या यह केवल गुमराह करने वाला कोई पुराना डेटा है।
-
सुरक्षा ऑडिट: सभी प्रमुख सरकारी पोर्टल्स और डेटाबेस का सुरक्षा ऑडिट तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
डिजिटल सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सरकार लाखों नागरिकों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड, पते और अन्य महत्वपूर्ण इनपुट संभालती है। यदि इस डेटा लीक के दावे में थोड़ी भी सच्चाई पाई जाती है, तो यह नागरिकों की प्राइवेसी के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर किसी बड़े डेटा ब्रीच की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से इस थ्रेट की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं।
