छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र: साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव, इन बड़े मुद्दों पर सदन में भारी हंगामा
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के 5 दिवसीय मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में भारी राजनीतिक गरमाहट देखने को मिल रही है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की मौजूदा साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। इसके बाद से ही सदन की कार्यवाही के दौरान तीखी बहस और भारी हंगामे के आसार बने हुए हैं।
इन प्रमुख मुद्दों पर घिरी साय सरकार
विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए कई संवेदनशील और जनहित से जुड़े मुद्दों को हथियार बनाया है:
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गरीबों के मकान तोड़े जाने का विवाद: नया रायपुर के नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाने के लिए गरीबों के आशियाने उजाड़े जाने के मामले पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है।
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कानून-व्यवस्था: राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार की प्रशासनिक विफलता पर सवाल उठाए।
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राम मंदिर चंदा चोरी का आरोप: कांग्रेस ने इस मुद्दे को भी सदन में जोर-शोर से उठाते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा।
छत्तीसगढ़ संसदीय इतिहास: 9 बार आया अविश्वास प्रस्ताव
अगर छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास पर नजर डालें, तो राज्य के गठन के बाद से अब तक 9 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है। हालांकि, संख्या बल के आधार पर आज तक इतिहास में कभी भी अविश्वास प्रस्ताव के कारण सरकार नहीं गिरी है। इस बार भी साय सरकार के पास पूर्ण बहुमत है, लेकिन विपक्ष इस प्रस्ताव के जरिए सरकार को चौतरफा घेरने की पूरी कोशिश में है।
पहले दिन तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि
इससे पहले, मानसून सत्र के पहले दिन सदन में गहरा शोक व्यक्त किया गया था। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक कलाकार और पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन पर शोक प्रस्ताव लाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद पहले दिन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था।
