CGPSC घोटाला: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा घोटाले से जुड़े एक अहम मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने CGPSC के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में की गई गड़बड़ियां समाज और युवाओं के भविष्य पर गहरा असर डालती हैं।
🏛️ हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर जैसे कृत्य केवल कानून का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि यह लाखों युवाओं के करियर के साथ अन्याय है। अदालत के अनुसार ऐसे अपराध सामाजिक स्तर पर अत्यंत गंभीर माने जाने चाहिए।
📌 किन आरोपियों को नहीं मिली राहत
कोर्ट ने CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक और उप परीक्षा नियंत्रक द्वारा दायर की गई दूसरी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस स्तर के मामलों में नरमी दिखाना उचित नहीं होगा।
📂 क्या है पूरा मामला
वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित CGPSC परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अपने नजदीकी लोगों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप सामने आए थे। शिकायतों के बाद मामले की जांच हुई और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
⚖️ करियर और समाज पर असर
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एक व्यक्ति की हत्या से जहां एक परिवार प्रभावित होता है, वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार से पूरी युवा पीढ़ी का भविष्य संकट में पड़ जाता है। इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
