छत्तीसगढ़ विधानसभा: अमानक दवाइयों और कानून व्यवस्था पर घमासान, वेदांता मामले पर विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर, 15 जुलाई 2026:

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून (पावस) सत्र आज बेहद हंगामेदार रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष (कांग्रेस) ने कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के लिए चौतरफा रणनीति अपनाई। अमानक दवाओं की खरीदी से लेकर राज्य में महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा के मुद्दों पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली।

वहीं, प्रश्नकाल के दौरान एक निजी कंपनी से जुड़े मुद्दे पर असंतोष जताते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

अमानक दवाओं की खरीदी पर भूपेश बघेल ने घेरा

सदन में आज सबसे बड़ा और गंभीर मुद्दा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उठाया। उन्होंने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ‘अमानक (सब-स्टैंडर्ड) दवाओं की खरीदी’ का मामला उठाते हुए विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाली ऐसी घटिया दवाओं की सप्लाई के पीछे बड़ी लापरवाही या सांठगांठ हो सकती है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर तीखे सवाल

इसके अलावा, विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी गृहमंत्री और सरकार को कटघरे में खड़ा किया। हाल के दिनों में नाबालिग बच्चियों से रेप और हत्या की घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस विधायकों ने चिंता जताई और गृहमंत्री से जवाब मांगते हुए सरकार पर सुरक्षा के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया।

वेदांता मामले पर सदन में तीखा हंगामा, वॉकआउट

आज की कार्यवाही का सबसे तल्ख मोड़ प्रश्नकाल के दौरान आया। वेदांता कंपनी से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक हुई। विपक्ष सरकार के जवाबों से संतुष्ट नहीं हुआ और कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए पूरी कांग्रेस पार्टी ने सदन से वॉकआउट (बहिर्गमन) कर दिया।

आज पटल पर रखे जाएंगे 3 नए विधेयक

इस हंगामे और गर्मागर्म बहस के बीच, आज के विधायी कार्यों की सूची में तीन नए महत्वपूर्ण विधेयक भी शामिल हैं। सरकार की ओर से आज सदन के पटल पर 3 नए बिल पेश किए जाने हैं, जिन पर आने वाले दिनों में चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।