छत्तीसगढ़ में मानसून से पहले बड़ी तैयारी: रायपुर-बिलासपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और सड़क मरम्मत के काम में आई तेजी
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से ठीक पहले शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदेश के प्रमुख बड़े शहरों, विशेषकर राजधानी रायपुर और बिलासपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (Smart City Project) के तहत चल रहे और रुके हुए निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने की कवायद बेहद तेज कर दी गई है। प्रशासन का मुख्य फोकस बारिश के दौरान आम जनता को होने वाली परेशानियों से बचाना है।
इसके साथ ही, सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने का काम भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
जलभराव (Waterlogging) से निपटने के लिए ड्रेनेज पर फोकस
हर साल मानसून के दौरान शहरों में होने वाले जलभराव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए इस बार नगर निगम की टीमों को पहले ही मैदान में उतार दिया गया है।
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नालों की सफाई: रायपुर और बिलासपुर के सभी छोटे-बड़े नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि बारिश का पानी कहीं रुके नहीं।
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रुके हुए प्रोजेक्ट्स को गति: स्मार्ट सिटी के तहत खोदी गई सड़कों और अधूरे पड़े पाइपलाइन व केबलिंग के कार्यों को 15 दिनों के भीतर समेटने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क मरम्मत कार्य को प्राथमिकता
बारिश के मौसम में जर्जर सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ काफी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए मुख्य मार्गों से लेकर रिहायशी इलाकों की कनेक्टिंग रोड्स के पेचवर्क और डामरीकरण (Tarring) के काम को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना काम को समय सीमा में खत्म किया जाए।
निगम कमिश्नर का सख्त निर्देश: मानसून शुरू होने के बाद किसी भी मुख्य मार्ग पर खुदाई का काम पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसलिए जो भी काम अधूरे हैं, उन्हें तत्काल पूरा कर लिया जाए ताकि जनता को वॉटरलॉगिंग और ट्रैफिक जाम से जूझना न पड़े।
कंट्रोल रूम और आपातकालीन टीमें तैयार
शहरी क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति या भारी बारिश के दौरान जलभराव की सूचना पर तुरंत एक्शन लेने के लिए नगर निगम मुख्यालयों में विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जा रहे हैं। अधिकारियों को मैदानी स्तर पर जाकर रोज के काम की मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है ताकि कागजी दावों के बजाय जमीनी स्तर पर काम नजर आए।
