GST में बड़ा बदलाव संभव, 12% टैक्स वाले प्रोडक्ट्स आ सकते हैं 5% स्लैब में
नई दिल्ली | सरकार मिडिल क्लास और लोअर इनकम ग्रुप को राहत देने के उद्देश्य से GST सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की योजना पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार 12% वाले GST स्लैब को खत्म कर, इसमें आने वाले सामानों को 5% टैक्स श्रेणी में शामिल करने पर विचार कर रही है।
बताया जा रहा है कि सरकार की इस संभावित पहल से रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले कई उत्पादों की कीमतें घट सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
इन चीजों पर मिल सकती है राहत
यदि यह प्रस्ताव मंजूरी पाता है, तो जूते-चप्पल, मिठाई, साबुन, टूथपेस्ट, कपड़े, और डेयरी उत्पादों जैसे घरेलू उपयोग की वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं। इसके अलावा, पनीर, खजूर, सूखे मेवे, जैम, पास्ता, फ्रूट जूस, नमकीन, छाते, टोपी, साइकिल, लकड़ी के फर्नीचर, पेंसिल, और जूट/कपास से बने बैग भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
अगली GST काउंसिल बैठक में होगा फैसला
सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में अंतिम निर्णय GST काउंसिल की 56वीं बैठक में लिया जा सकता है, जो इसी जुलाई महीने में आयोजित हो सकती है। बैठक में केंद्र के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
वर्तमान GST स्लैब की स्थिति
वर्तमान में भारत में चार मुख्य GST टैक्स स्लैब हैं:
-
5%,
-
12%,
-
18%,
-
28%।
विभिन्न उत्पादों को इन्हीं दरों के आधार पर टैक्स श्रेणी में रखा गया है, जैसे अनाज, खाद्य तेल, मिठाई, स्नैक्स, सोना-चांदी आदि।
वित्त मंत्री ने भी दिए थे संकेत
मार्च 2025 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस ओर संकेत दिया था कि GST दरों को तर्कसंगत बनाए जाने की प्रक्रिया जारी है और उसके बाद टैक्स दरों में कटौती की जा सकती है। अब माना जा रहा है कि सरकार उस दिशा में व्यावहारिक कदम उठाने के लिए तैयार है।
यदि यह बदलाव लागू होता है, तो यह न केवल आम जनता को महंगाई से राहत देगा, बल्कि देश में टैक्स प्रणाली को और भी सरल और असरदार बनाएगा।
