भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को लेकर एक अमेरिकी थिंक टैंक की ताज़ा रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि वर्ष 2026 तक दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की स्थिति बन सकती है, यदि मौजूदा परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू–कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में निरंतरता और सीमा पार से होने वाली घटनाएँ द्विपक्षीय संबंधों को और जटिल बना रही हैं। इसके साथ ही, भारत और पाकिस्तान—दोनों की बढ़ती सैन्य खरीद और हथियारों के आधुनिकीकरण को भी संभावित संघर्ष का बड़ा कारण बताया गया है।
🔍 प्रमुख बिंदु
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कश्मीर क्षेत्र में सुरक्षा हालात को बताया गया संवेदनशील
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सीमा पर तनाव और विश्वास की कमी बनी हुई
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दोनों देशों द्वारा रक्षा बजट और हथियार प्रणालियों में वृद्धि
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किसी भी छोटी घटना के बड़े संघर्ष में बदलने का खतरा
🌏 क्षेत्रीय और वैश्विक असर
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि भारत–पाक के बीच तनाव बढ़ता है, तो इसका असर केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता भी प्रभावित हो सकती है। परमाणु हथियारों से लैस दो देशों के बीच किसी भी तरह का सैन्य टकराव अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा।
🕊️ समाधान पर जोर
थिंक टैंक ने दोनों देशों को कूटनीतिक संवाद, विश्वास-निर्माण उपायों और क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान देने की सलाह दी है, ताकि किसी भी संभावित संकट को समय रहते टाला जा सके।