रायपुर में बोले CM विष्णुदेव साय: बस्तर में नक्सलवाद के अंत के बाद शुरू हुआ विकास का नया दौर, नई औद्योगिक नीति से खुलेंगे रोजगार के द्वार

रायपुर, 21 अगस्त 2026: दशक भर से नक्सली हिंसा का दंश झेल रहे बस्तर में अब शांति, सुरक्षा और विकास का एक नया अध्याय शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्र सूचना कार्यालय (PIB) चेन्नई के पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन से बस्तर में निर्णायक सफलता मिली है।

नियद नेल्लानार योजना से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही सरकार मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन दूरस्थ क्षेत्रों में कभी सरकारी मशीनरी की पहुंच असंभव मानी जाती थी, वहां अब ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

  • जनकल्याणकारी सेवाएं: सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में सड़क, मोबाइल कनेक्टिविटी, बिजली, पेयजल, राशन और बैंकिंग सुविधाएं तेजी से बहाल हो रही हैं।

  • इको और कल्चरल टूरिज्म: बस्तर के प्राकृतिक जलप्रपातों, जनजातीय संस्कृति और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाकर युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बनाए जा रहे हैं।

नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30): निवेश और रोजगार पर जोर राज्य में बुनियादी और उभरते उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 पर प्रकाश डालते हुए CM साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब सिर्फ पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है।

  • फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, फार्मास्यूटिकल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है।

  • अनुकूल माहौल: पर्याप्त बिजली, भौगोलिक सुगमता और पारदर्शी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण देश-विदेश के निवेशक राज्य की ओर रुख कर रहे हैं।

एजुकेशन और हेल्थकेयर का उभरता केंद्र: नवा रायपुर मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और नवा रायपुर देश के प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में स्थापित हो रहे हैं। राज्य के छात्रों को अब उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही, दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर सरकार प्राथमिकता से काम कर रही है।

तमिलनाडु-छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक सांझ सौजन्य भेंट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने चेन्नई से आए पत्रकारों के दल को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा फैब्रिक की शॉल भेंटकर सम्मानित किया। वहीं, प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता पी. अरुण कुमार ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के ऐतिहासिक महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की।