बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव: 35 साल बाद होगा मुकाबला; 349 सांसद चुनेंगे देश का नया राष्ट्रपति

ढाका: दक्षिण एशियाई देश बांग्लादेश से एक बड़ा राजनीतिक अपडेट सामने आया है। बांग्लादेश में 35 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रपति पद के लिए प्रत्यक्ष मुकाबला होने जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के बाद यह चुनाव अनिवार्य हुआ है।

349 सांसद करेंगे मताधिकार का प्रयोग

बांग्लादेश की राष्ट्रीय संसद (जातीय संसद) में नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोटिंग प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इस चुनाव में संसद के 349 सदस्य (MPs) अपने मताधिकार का प्रयोग करके नए राष्ट्राध्यक्ष का चुनाव करेंगे।

चुनावी मैदान में मुख्य उम्मीदवार

35 साल बाद हो रहे इस ऐतिहासिक मुकाबले में दो प्रमुख चेहरों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है:

  1. मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर: सत्ताधारी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता।

  2. कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद: मुख्य विपक्षी दल के उम्मीदवार।

क्यों खास है यह चुनाव?

आमतौर पर बांग्लादेश में सर्वसम्मति या बिना विरोध के ही राष्ट्रपति का चुनाव कर लिया जाता था। लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत इस बार गुप्त मतदान के जरिए राष्ट्रपति का फैसला होगा। देश के नए राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर बांग्लादेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है: “35 साल बाद हो रहा यह राष्ट्रपति चुनाव बांग्लादेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और भावी राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।”