बलौदाबाजार: गड़े धन के लालच में 21 लोगों की ‘नरबलि’ की थी तैयारी, मुख्य तांत्रिक (बैगा) की भी हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी

बलौदाबाजार (कसडोल): छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से अंधविश्वास, लालच और खौफ की एक ऐसी दास्तान सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। कसडोल क्षेत्र के पुराना खर्वे गांव में गड़े हुए रहस्यमयी खजाने को हासिल करने के लिए एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 21 लोगों की नरबलि देने की खौफनाक साजिश रची जा रही थी।

इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अब तक गांव में 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने 7 शवों को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।


शराब में सुहागा (बोरैक्स) मिलाकर मारने का आरोप

ग्रामीणों के आरोपों के केंद्र में गांव का ही एक स्थानीय किराना दुकानदार रामसाय जायसवाल है। आरोप है कि वह लोगों को शराब में सुहागा (बोरैक्स) मिलाकर पिलाता था, जिससे उनकी मौत हो जाती थी।

घटना का खुलासा तब हुआ जब एक ग्रामीण कार्तिक प्रजापति ने आपबीती सुनाई। कार्तिक के मुताबिक:

“14 मई को दुकानदार ने शराब की बोतल से आधी शराब निकाली और बाकी मुझे दे दी। उसके सिर्फ दो घूंट पीते ही मुझे उल्टियां होने लगीं, सिर चकराया और मैं बेहोश हो गया। अस्पताल में 8 घंटे बाद मुझे होश आया।”

ग्रामीणों का दावा है कि मरने वाले सभी लोग पूरी तरह स्वस्थ थे और उनकी मौत शराब पीने के तुरंत बाद हुई।

4 महीने में हुईं ये 8 संदिग्ध मौतें

गांव वालों के अनुसार, मौतों का यह सिलसिला इस साल फरवरी से शुरू हुआ था:

  • 6 फरवरी: बद्री पटेल की मौत

  • 20 फरवरी: बुठालू साहू की मौत

  • 12 मार्च: बुधराम की मौत

  • 20 मार्च: छत्तूराम साहू की मौत

  • 31 मार्च: विनोद साहू की मौत

  • 28 अप्रैल: गजानंद मांझी की मौत

  • 29 अप्रैल: चैतूराम साहू की मौत

  • 14 मई: महेतरू की मौत


खौफ के बीच गांव में हुई ‘शांति पूजा’, बकरे-सूअर की दी गई बलि

एक के बाद एक हो रही रहस्यमयी मौतों और तंत्र-मंत्र के खौफ से पूरा गांव दहशत में डूब गया। इस खौफनाक असर को खत्म करने के लिए ग्रामीणों ने हाल ही में गांव में एक विशेष शांति पूजा का आयोजन किया। अंधविश्वास के इसी सिलसिले के बीच, गांव की सुख-शांति के नाम पर बकरे और सूअर की बलि भी चढ़ाई गई।

मुख्य बैगा (तांत्रिक) की भी हो चुकी है संदिग्ध मौत

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ यह है कि जिस मुख्य बैगा (तांत्रिक) ने इस पूरी नरबलि की साजिश का खाका तैयार किया था और जो यह बलि दिलाने वाला था, उसकी भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। मुख्य बैगा की मौत के बाद से यह पूरा मामला और ज्यादा उलझ गया है।


क्या कहते हैं एक्सपर्ट और पुलिस?

  • मेडिकल एक्सपर्ट: डॉक्टर रेशम सिंह (जनरल सर्जरी) के अनुसार, शराब और सुहागा (बोरैक्स) का मिश्रण बेहद जानलेवा साबित हो सकता है। इसके सेवन से गंभीर उल्टी, कमजोरी, बेहोशी और किडनी फेलियर हो सकता है, जिससे इंसान की मौत हो सकती है।

  • पुलिस प्रशासन: बलौदाबाजार के एसपी ओ.पी. शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। संदिग्ध मौतों और नरबलि की इस खतरनाक साजिश के पीछे कौन-कौन से लोग शामिल हैं, इसे लेकर पुलिस टीम गांव के लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।

महानदी के किनारे बसे करीब 800 की आबादी वाले इस शांत गांव में फिलहाल भारी पुलिस बल और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही इस रहस्यमयी ‘नरबलि’ और खजाने की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।