माफिया अतीक अहमद के 21 वर्षीय बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत: पैरोल पर बाहर आए बड़े भाई, प्रयागराज में होगा सुपुर्द-ए-खाक

प्रयागराज/झांसी:

माफिया से नेता बने दिवंगत अतीक अहमद के 21 वर्षीय सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी-कानपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना उस वक्त हुई जब अबान अपने दोस्तों के साथ क्रेटा कार से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। रास्ते में तेज रफ्तार कार अचानक सामने आए जानवर को बचाने के प्रयास में डिवाइडर से टकरा गई।

सड़क हादसा और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

  • हादसे का विवरण: दुर्घटना में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि कार सवार तीन अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए।

  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: रिपोर्ट के अनुसार, अबान के शरीर पर 23 गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। हादसे के प्रभाव से उसकी पसलियां टूट गईं तथा लीवर और फेफड़े (लंग्स) फट जाने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी जान चली गई।

  • ओवरस्पीडिंग का रिकॉर्ड: जांच में सामने आया कि दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा कार पर बीते 4 वर्षों में 16 ट्रैफिक चालान कट चुके थे, जिनमें से 6 चालान केवल ओवरस्पीडिंग (अत्यधिक रफ्तार) के थे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़े भाइयों उमर और अली को 1 दिन की पैरोल

छोटे भाई के जनाजे (अंतिम संस्कार) में शामिल होने के लिए अतीक के दो बड़े बेटों—उमर अहमद (लखनऊ जेल) और अली अहमद (झांसी जेल)—को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1 दिन की अंतरिम पैरोल प्रदान की है।

अदालत ने पैरोल के लिए 4 अत्यंत सख्त शर्तें निर्धारित की हैं:

  1. वे मीडिया से कोई बातचीत नहीं करेंगे।

  2. किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।

  3. किसी भी सार्वजनिक सभा या जमावड़े को संबोधित नहीं करेंगे।

  4. जनाजे के अलावा किसी अन्य कार्यक्रम या स्थान पर हिस्सा नहीं लेंगे।

कड़े सुरक्षा घेरे में प्रयागराज रवानगी और दफ़न प्रक्रिया

शनिवार सुबह झांसी जेल से अली अहमद को 30 पुलिसकर्मियों के कड़े सुरक्षा घेरे और दो पुलिस वाहनों के काफिले के साथ प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस वैन की खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए थे। जिस-जिस जिले के थाना क्षेत्र से काफिला गुजरा, वहां की स्थानीय पुलिस ने गाड़ियों को एस्कॉर्ट प्रदान किया।

अबान को प्रयागराज स्थित कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उसे उसके पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ, भाई असद और दादा फिरोज अहमद की कब्रों के समीप ही दफनाया जाएगा।

मां शाइस्ता परवीन पर सस्पेंस और राजनीतिक बयानबाज़ी

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से वर्ष 2023 से लगातार फरार चल रही अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अपने पति अतीक और बेटे असद के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सकी थी। अबान की मौत के बाद भी उसके आत्मसमर्पण करने या जनाजे में पहुंचने को लेकर संशय बना हुआ है।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि “हादसे रोज होते रहते हैं”, वहीं भाजपा विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अतीक अहमद के कर्मों का फल और सजा आज उसका परिवार भुगत रहा है।