विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे युवा, युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य से देश को बड़ी उम्मीदें : श्री अरुण साव
सब-हेडलाइन:उप मुख्यमंत्री ने एनआईटी में आयोजित यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस में तकनीकी विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों को किया संबोधित
एनआईटी रायपुर और आईएनएई का दो दिवसीय सफल समापन
रायपुर, 28 अक्टूबर 2026 — ‘विकसित भारत’ का सपना आज के युवाओं के लिए है और आने वाले समय में वही इसका नेतृत्व करेंगे। देश को युवाओं की प्रतिभा, ज्ञान और सामर्थ्य से बड़ी उम्मीदें हैं। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं को अपने ज्ञान, अध्ययन और नवाचार का उपयोग केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसे समाज और राष्ट्रहित में लगाना चाहिए।
यह बातें उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने रायपुर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT Raipur) में आयोजित दो दिवसीय ‘यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस’ के समापन सत्र में कहीं। उन्होंने तकनीकी विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी योग्यता और क्षमता से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस दौरान कॉनक्लेव में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले, परियोजना प्रदर्शनी और हैकाथॉन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बढ़ रहे आगे
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी (Indian National Academy of Engineering) द्वारा इस दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव का आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए तेजी से काम कर रही है। देश में युवाओं को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं। युवा अपनी योग्यता के बल पर न केवल खुद आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि भारत को दुनिया में एक नई पहचान भी दिला रहे हैं।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम
श्री साव ने युवाओं से भावनात्मक संवाद करते हुए कहा, “हमारी पीढ़ी के लोग उस समय तक रहें या न रहें, लेकिन जब विकसित भारत दुनिया में अपने मान-सम्मान और गौरव के साथ खड़ा होगा, तब उसका नेतृत्व आज के युवा ही कर रहे होंगे।” उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अभी से इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में हुए व्यापक विचार-विमर्श से मिले विचार और अनुभव भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।
इस महत्वपूर्ण समापन सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Bhilai) के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जवाहर लाल नेहरू एल्यूमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता, एनआईटी रायपुर के प्राध्यापकगण प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल और डॉ. संजीव कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
