रोते हुए मेयर ने क्यों कहा कि मेरे ख़िलाफ़ साज़िश…
अंबिकापुर में मेयर पर रिश्वत मांगने के आरोप, वायरल ऑडियो को बताया फर्जी
कांग्रेस ने की FIR और जांच की मांग, मेयर बोलीं- आदिवासी महिला होने के कारण रचा जा रहा षड्यंत्र
अंबिकापुर। नगर निगम अंबिकापुर की भाजपा महापौर मंजूषा भगत से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। वायरल ऑडियो में मीना बाजार लगाने की अनुमति के बदले लाखों रुपये की मांग किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि महापौर मंजूषा भगत ने ऑडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसे उनके खिलाफ रचा गया षड्यंत्र करार दिया है।
सोमवार को महापौर मंजूषा भगत अजाक थाने पहुंचीं और ऑडियो तैयार करने तथा उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मीडिया से चर्चा के दौरान वे भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
महापौर ने कहा कि 21 जून को उन्हें फोन पर वायरल ऑडियो की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर उसे सुना। उनका कहना है कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज उनकी नहीं है और उन्होंने ऐसी कोई बातचीत नहीं की है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
वायरल ऑडियो को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और नगर निगम प्रशासन पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन वायरल ऑडियो में कथित रूप से पैसों के लेन-देन की चर्चा सुनाई दे रही है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
युवक कांग्रेस का प्रदर्शन
मामले को लेकर युवक कांग्रेस ने कलेक्टोरेट चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पीकर के माध्यम से वायरल ऑडियो सार्वजनिक रूप से सुनाया और आरोपों की जांच की मांग की। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि मीना बाजार के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वायरल ऑडियो में क्या दावा?
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में कथित तौर पर मीना बाजार संचालन से जुड़े व्यक्ति अनुराग मिश्रा और अन्य लोगों के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। ऑडियो में नगर निगम के मैदान आवंटन और कथित रूप से बड़ी रकम की मांग का उल्लेख होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि ऑडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और महापौर ने उसमें अपनी आवाज होने से साफ इनकार किया है।
जांच की मांग तेज
विवाद बढ़ने के बाद अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।
