रायपुर : ‘आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर (UPI24 News)। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह देशभक्ति के सुरों से गूंज उठा। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड की प्रस्तुति दी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण केंद्र बनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
इतिहास का गौरव और भविष्य का संकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या व बलिदान को याद करने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा, “‘आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है।” छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति को उन्होंने एक अनूठा प्रयास बताते हुए संस्कृति विभाग और कलाकारों को बधाई दी।
गीतों और संगीत की ऐतिहासिक भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने संगीत की शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अनेक राष्ट्रनायकों का स्मरण किया, जिनके संघर्षों से स्वतंत्र भारत की नींव रखी गई।
स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का गौरवशाली योगदान
छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने अमर शहीद वीर नारायण सिंह और बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर के भूमकाल आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन महानायकों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है, जिससे हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देश और प्रदेश के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन श्री इंद्रजीत सिंह खालसा सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
