महिला अधिकारों की जानकारी को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की तैयारी, राष्ट्रीय महिला आयोग से छत्तीसगढ़ को मिलेगा मार्गदर्शन

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध सहायता तंत्र के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य महिला आयोग ने अपनी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की दिशा में पहल शुरू की है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यालय में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर से मुलाकात की।

बैठक में छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित महिला अधिकार जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। डॉ. ममता साहू ने कार्यक्रम के आयोजन, प्रशिक्षण की विषय-वस्तु और महिलाओं तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने के तरीकों को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

कानून और अधिकारों की जानकारी बनेगी प्रशिक्षण का आधार

प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के साथ-साथ सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न सहायता तंत्र और शिकायत निवारण की प्रक्रियाओं के बारे में भी व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है।

आयोग का उद्देश्य प्रशिक्षण को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए ऐसा माध्यम बनाना है, जिसके जरिए महिलाएं अपने अधिकारों को समझ सकें और आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कानूनी एवं संस्थागत सहायता का उपयोग कर सकें।

राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से मजबूत होगी पहल

बैठक के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन में प्रस्तावित प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। प्रशिक्षण के जरिए महिला अधिकारों से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से महिलाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

राज्य महिला आयोग का मानना है कि अधिकारों की जानकारी महिलाओं को आत्मविश्वास प्रदान करती है। जब महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं से परिचित होती हैं, तो वे अपने हितों की रक्षा के लिए अधिक मजबूती से कदम उठा सकती हैं।

जागरूकता से सशक्तिकरण की ओर

डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी देना सशक्तिकरण की बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम को व्यापक और प्रभावी स्वरूप देने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े विषयों पर जागरूकता गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से इन प्रयासों को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने और जमीनी स्तर पर जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।

प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को मिलेगा नया विस्तार

राष्ट्रीय महिला आयोग और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के बीच समन्वय से प्रस्तावित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें उपलब्ध सहायता और सुरक्षा तंत्र से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

राज्य महिला आयोग की पहल का उद्देश्य महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना, उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना और जरूरत के समय उचित संस्थागत सहायता प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। इस दिशा में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को आगे भी निरंतर विस्तार देने की योजना है।