घायल जवानों से मिलने अस्पताल पहुंचे केदार कश्यप, बेहतर उपचार के दिए निर्देश
जगदलपुर। सड़क दुर्घटना में घायल सुरक्षा जवानों का हाल जानने वन मंत्री केदार कश्यप डिमरापाल स्थित कॉन्टिनेंटल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती जवानों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से उपचार की प्रगति पर चर्चा की। मंत्री ने घायल जवानों के परिजनों से भी बातचीत कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
अस्पताल में चिकित्सकों से चर्चा के दौरान केदार कश्यप ने जवानों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उपचार की प्रक्रिया और उन्हें दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वर्गीय बलिराम कश्यप मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू तथा कॉन्टिनेंटल अस्पताल के एजीएम डॉ. संतोष कुमार सिंह से भी चर्चा की।
मंत्री ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायल जवानों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और उनकी स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
सभी घायल जवानों का उपचार जारी
जवानों से मुलाकात के बाद केदार कश्यप ने बताया कि सभी घायल जवानों का उपचार चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। उन्होंने कहा कि जवानों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन गंभीर है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से भी कहा कि उपचार के दौरान जवानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
23 अगस्त को हुआ था सड़क हादसा
जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त को केदार कश्यप फरसागुड़ा से कोंडागांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान भानपुरी थाना क्षेत्र में कोंडागांव की ओर से आ रही एक स्कॉर्पियो काफिले के वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो आगे बढ़कर स्पेयर वाहन और फिर फॉलो वाहन से जा भिड़ी।
हादसे में फॉलो वाहन में सवार चालक और पुलिस जवान घायल हुए। दुर्घटना के तुरंत बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जिन जवानों को बेहतर चिकित्सा की आवश्यकता थी, उन्हें जगदलपुर रेफर किया गया।
घायल जवानों और परिजनों को दिया भरोसा
अस्पताल पहुंचकर जवानों का हाल जानने के दौरान केदार कश्यप ने उनके परिजनों से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि घायल जवानों के उपचार और स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। आवश्यकतानुसार शासन स्तर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे समय में उनके स्वास्थ्य और उपचार की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
