हर-हर महादेव से गूंजा रायपुर: कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, मुख्यमंत्री साय ने किया रुद्राभिषेक

रायपुर। पवित्र श्रावण मास में राजधानी रायपुर शिवभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। गुढ़ियारी के मारुति मंगलम परिसर से निकली भव्य कांवड़ यात्रा में हजारों शिवभक्तों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने विधिवत रुद्राभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया और सभी को श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।

गूंजते रहे भोलेनाथ के जयकारे

गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम से बड़ी संख्या में कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व है। कांवड़ यात्रा श्रद्धा, तपस्या और समर्पण का ऐसा पर्व है, जिसमें शिवभक्त कठिन यात्रा पूरी कर पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की आस्था और उत्साह सनातन परंपरा की जीवंत शक्ति को प्रदर्शित करता है।

धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव तक होने वाली कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों के लोग इसमें एक साथ शामिल होकर भक्ति और सामूहिकता की भावना को मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को भी धार्मिक एवं आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराते हैं।

हटकेश्वरनाथ धाम से जुड़ी गहरी आस्था

मुख्यमंत्री ने महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह स्थल छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव उपासना परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और प्रदेशभर के श्रद्धालुओं की भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति गहरी आस्था है।

श्रावण मास में यहां विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करते हैं।

छत्तीसगढ़ की पहचान में आध्यात्मिक विरासत भी महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल जंगल, पहाड़, नदियों और लोक संस्कृति से नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा से भी है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद प्राचीन शिवधाम, मंदिर और शक्तिपीठ यहां की धार्मिक विरासत को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राएं और पारंपरिक उत्सव समाज को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़े रखने का काम करते हैं। इनमें सहभागिता से सामाजिक सौहार्द, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूती मिलती है।

धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी नई गति मिलेगी।

महादेव से प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि महादेव की कृपा प्रदेश के हर परिवार पर बनी रहे और सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मीनल चौबे सहित जनप्रतिनिधि, निगम-मंडलों के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।