मोबाइल रिचार्ज 16% तक महंगे: टेलीकॉम कंपनियों ने बढ़ाए रेट, ग्राहकों की जेब पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ
नई दिल्ली: देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों—भारती एयरटेल (Bharti Airtel), रिलायंस जियो (Reliance Jio) और वोडाफोन-आइडिया (Vi)—ने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स की दरों में बढ़ोतरी करना शुरू कर दिया है। CNBC Awaaz की रिपोर्ट के अनुसार, रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में 5% से लेकर 16% तक का इजाफा देखा जा रहा है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स और आम जनता के मासिक बजट पर पड़ेगा।
एंट्री-लेवल प्लान्स बंद, महंगे विकल्पों के लिए मजबूर ग्राहक
टेलीकॉम कंपनियों ने केवल सीधे तौर पर दरें ही नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि कई लोकप्रिय और सस्ते एंट्री-लेवल प्लान्स को भी बंद कर दिया है।
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उदाहरण के लिए, एयरटेल ने अपने लोकप्रिय ₹299 वाले प्लान को बंद कर दिया है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को अब मजबूरन ₹349 वाला प्लान चुनना पड़ रहा है।
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कंपनियों द्वारा सस्ते डेली डेटा वाले प्लान्स हटाकर महंगे 5G बंडल प्लान्स प्रमोट किए जा रहे हैं।
दरें बढ़ाने के पीछे की मुख्य वजहें
टेलीकॉम सेक्टर और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स (मॉर्गन स्टेनली) के अनुसार, रिचार्ज प्लान्स महंगे होने के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं:
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5G नेटवर्क में भारी निवेश: पूरे देश में 5G इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए कंपनियों को बड़े पैमाने पर पूंजी की आवश्यकता है।
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प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) में सुधार: भारत में दुनिया की तुलना में प्रति जीबी डेटा की दरें काफी कम हैं, इसलिए कंपनियां अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए ARPU सुधारना चाहती हैं।
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सस्ते प्लान की रीस्ट्रक्चरिंग: कंपनियां अपने टैरिफ प्लान को रीस्ट्रक्चर कर रही हैं ताकि यूजर्स उच्च मूल्य वाले प्लान्स में अपग्रेड करें।
उपभोक्ता संगठनों ने जताई चिंता
रीचार्ज दरों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी के खिलाफ व्यापारी और उपभोक्ता संगठनों ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय से दखल देने की अपील की है। संगठनों का कहना है कि डिजिटल इंडिया के दौर में इंटरनेट और कॉलिंग की दरें लगातार बढ़ने से आम जनता का बजट बिगड़ रहा है।
