शीर्षक (Title): राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT ने सौंपी फाइनल रिपोर्ट, चंपत राय और अनिल मिश्रा को नहीं बनाया गया आरोपी

अयोध्या: अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की राशि और गहनों की चोरी के चर्चित मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित राज्य स्तरीय एसआईटी (SIT) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं है।

ट्रस्ट की बैठक में रखी जाएगी रिपोर्ट गृह विभाग ने इस रिपोर्ट को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दिया है। इस रिपोर्ट को ट्रस्ट की आगामी 2 सितंबर की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा।

प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद दिए थे इस्तीफे जून में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासनिक खामियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया था।

8 आरोपी पहले से ही जेल में बंद चढ़ावा गिनती के दौरान सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में नकदी और आभूषण छिपाकर ले जाने की हरकतें दर्ज होने के बाद ट्रस्टी कृष्ण मोहन ने 25 जून को एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 कर्मचारियों (रामशंकर यादव, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, मनीष यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा) को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल फैजाबाद जेल में बंद हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नई SIT कर रही है तकनीकी जांच उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले की आपराधिक जांच अभी खत्म नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित दूसरी नई SIT (जिसमें आईजी किरण एस, डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी गौरव ग्रोवर शामिल हैं) मामले की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कर रही है। यह नई टीम अपनी जांच रिपोर्ट सीधे शीर्ष अदालत को प्रस्तुत करेगी, जो पूरे मामले की खुद निगरानी कर रही है।