छत्तीसगढ़ में मिलावटखोरों पर नकेल: बिलासपुर और रायगढ़ में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, गुजरात व महाराष्ट्र से साइबर ठग गिरफ्तार

बिलासपुर / रायगढ़ / रायपुर:

आगामी त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया है। एक ओर जहां मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अमानक और मिलावटी मिठाइयों को जब्त किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधों में संलिप्त आरोपियों को दूसरे राज्यों से गिरफ्तार करने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

1. बिलासपुर और रायगढ़ में अमानक मिठाइयों पर खाद्य विभाग का धावा

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने बिलासपुर और रायगढ़ के प्रमुख होटल-रेस्टोरेंट, खोवा मंडियों और मिठाई दुकानों में औचक निरीक्षण किया।

  • कार्रवाई व जब्ती: जांच के दौरान भारी मात्रा में अमानक, बासी और संदिग्ध गुणवत्ता वाले खोवा, पनीर और मिठाइयों को जब्त कर नष्ट कराया गया है।

  • सैंपलिंग और नोटिस: खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संदिग्ध खाद्य सामग्रियों के सैंपल कलेक्ट कर रायपुर स्थित सेंट्रल लैब में जांच के लिए भेजे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों पर लाइसेंस निरस्तीकरण और भारी जुर्माना समेत कोर्ट केस दर्ज कराया जाएगा।

2. साइबर फ्रॉड मामले में गुजरात और महाराष्ट्र से दबोचे गए आरोपी

छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने ऑनलाइन वित्तीय ठगी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे संगीन साइबर अपराधों के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है।

  • अंतरराज्यीय नेटवर्क पर नकेल: राज्य में दर्ज साइबर फ्रॉड शिकायतों की जांच करते हुए पुलिस की टीमों ने गुजरात और महाराष्ट्र में छापेमारी की।

  • आरोपी गिरफ्तार: तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों के ट्रैकिंग के जरिए ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहे मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल, फर्जी सिम और बैंक पासबुक बरामद किए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि त्यौहारों पर खाद्य सामग्री में मिलावट करने वालों और साइबर ठगी के जरिए जनता को निशाना बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।