मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीसाबंदी स्व. शिवबालक साव को दी श्रद्धांजलि, लोकतंत्र रक्षा में योगदान को किया नमन
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी निवासी और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदी स्वर्गीय श्री शिवबालक साव के निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने स्व. साव के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए किए गए अभूतपूर्व संघर्ष, साहस और योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी उनके साथ मौजूद रहीं।
शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात कर बंधाया ढांढस
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय शिवबालक साव के पुत्रों—श्री नारायण प्रसाद साव, श्री रामकुमार साव एवं श्री राधेश्याम साव सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को यह कठिन दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
आपातकाल में मीसाबंदियों का त्याग प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि उस कठिन समय में मीसाबंदियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अनेक कठिनाइयों और यातनाओं का डटकर सामना किया।
उन्होंने कहा:
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सच्चे लोकतंत्र रक्षक: मीसाबंदियों ने आपातकाल के दौरान संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जो योगदान दिया, उसके कारण वे हमेशा लोकतंत्र के सच्चे रक्षकों के रूप में याद किए जाएंगे।
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आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा: उनका साहस, संघर्ष और त्याग देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सदैव स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
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सम्मानपूर्वक स्मरण: लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके संघर्ष और योगदान को सम्मानपूर्वक याद रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
