रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर ED का शिकंजा: NHAI प्रोजेक्ट्स में 187 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल, पूर्व डायरेक्टर गिरफ्तार

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Reliance Infrastructure Ltd.), उसके पूर्व डायरेक्टर सतीश सेठ और अन्य सहयोगियों के खिलाफ दिल्ली की विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट (Prosecution Complaint) दाखिल कर दी है। यह मामला राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के 4 बड़े रोड प्रोजेक्ट्स से जुड़े लगभग 187 करोड़ रुपये के सार्वजनिक फंड की हेराफेरी और शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है।

1. NHAI के 4 प्रोजेक्ट्स के फंड का डायवर्जन

ED की जांच के अनुसार, NHAI द्वारा अलॉट की गई चार प्रमुख टोल-रोड परियोजनाओं के सार्वजनिक पैसों और बैंक लोन को एक सोची-समझी साजिश के तहत डायवर्ट किया गया था। प्रभावित प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं:

  • त्रिची-करूर (NH-67)

  • त्रिची-डिंडीगुल (NH-45)

  • सलेम-उलुंदूरपेट (NH-68)

  • जयपुर-रींगस (NH-11)

2. शेल कंपनियों और फर्जी बिलों का खेल

  • बैक-डेटेड कांट्रैक्टिंग: जांच एजेंसी के मुताबिक, साल 2010 के दौरान फर्जी या बैक-डेटेड सब-कांट्रैक्टिंग के जरिए करीब 187 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।

  • फर्जी बैंक खाते: फंड को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और उसकी प्रोजेक्ट SPVs से ठेकेदारों के जरिए ऐसी शेल कंपनियों (कागजी कंपनियों) के खातों में ट्रांसफर किया गया, जिनका सड़क निर्माण से कोई लेना-देना नहीं था।

  • लेयरिंग व फर्जी बिल: बाद में इन अवैध ट्रांजैक्शन को सही दिखाने के लिए जाली बिल तैयार किए गए और हीरा कारोबारियों तथा शेल कंपनियों के जरिए पैसों की लेयरिंग कर ठिकाने लगाया गया।

3. पूर्व डायरेक्टर गिरफ्तार और 187 करोड़ की संपत्ति कुर्क

  • सतीश सेठ गिरफ्तार: ईडी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पूर्व डायरेक्टर सतीश सेठ को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

  • संपत्तियां अटैच: केंद्रीय एजेंसी ने मामले से जुड़ी 187 करोड़ रुपये की संपत्तियों को पहले ही प्रोविजनल तौर पर अटैच कर लिया है, जिनमें रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर, अचल संपत्तियां और जमीन शामिल हैं।

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई इस जांच में ED अन्य अधिकारियों और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।