UPI ट्रांजेक्शन चार्ज पर वित्त मंत्रालय की बड़ी सफाई: P2P पेमेंट पूरी तरह रहेगा फ्री, जानें मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर क्या हैं नियम

नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट और UPI (Unified Payments Interface) के उपयोग को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं और भ्रम के बीच केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय ने आधिकारिक सफाई जारी करते हुए बताया कि आम नागरिकों के लिए UPI सेवा का इस्तेमाल पहले की तरह ही पूरी तरह निशुल्क रहेगा।

1. P2P ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं

  • आम नागरिकों को राहत: वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (Person-to-Person – P2P) के बीच होने वाले सभी UPI ट्रांसफर पूरी तरह से फ्री रहेंगे। इसके लिए यूजर को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

  • दैनिक लेनदेन पर असर नहीं: दोस्तों, रिश्तेदारों या किसी भी व्यक्ति को पैसे भेजने के लिए किए जाने वाले UPI ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।

2. मर्चेंट ट्रांजेक्शन (MDR) के नियम

  • व्यापारिक लेनदेन पर मामूली शुल्क: दुकानों या व्यावसायिक संस्थानों पर किए जाने वाले मर्चेंट ट्रांजेक्शन (MDR) पर केवल एक तय सीमा से अधिक राशि के लेनदेन पर ही मामूली चार्ज लागू होगा।

  • छोटे व्यापारियों और ग्राहकों पर असर नहीं: यह व्यवस्था केवल बड़े व्यापारी लेनदेन को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिससे आम ग्राहकों और छोटे दुकानदारों के दैनिक लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।