रायपुर: नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के ‘युवा मंच’ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही छत्तीसगढ़ अब प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार सरगुजा से लेकर बस्तर तक पूरे प्रदेश के संतुलित विकास के लिए संकल्पित है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित भी किया।
सुरक्षा बलों के साहस से नक्सलमुक्त बना प्रदेश
युवा मंच को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से एक समयसीमा तय की गई, जिसके तहत सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त कर दिया।
पर्यटन और नई औद्योगिक नीति को बढ़ावा
प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया:
-
बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात भारत के ‘नियाग्रा’ के रूप में प्रसिद्ध है।
-
धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में स्थान दिया है।
-
राज्य में होम स्टे और बम्बू राफ्टिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
-
नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
धर्मांतरण रोधी कड़ा कानून और पारदर्शी भर्ती परीक्षाएं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में प्रलोभन देकर कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए देश का सबसे सख्त ‘धर्म स्वातंत्र्य बिल’ लागू किया गया है।
इसके साथ ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पीएससी (PSC) और अन्य सभी भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की गई है।
जनजातीय विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस
-
ट्राइबल यूनिवर्सिटी और एजुकेशन सिटी: बस्तर में एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है और क्षेत्र के जनजातीय बच्चों के लिए ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रयास जारी है। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत प्रदेश के 6,000 गांवों को शामिल किया गया है।
-
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज पहले से संचालित हैं, जबकि 5 नए मेडिकल कॉलेजों को 250 सीटों के साथ मंजूरी मिली है, जिनमें इसी सत्र से पढ़ाई शुरू होगी। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है, जहां अब ब्रेन ट्यूमर का भी इलाज हो रहा है।
8 लाख करोड़ के MoU और रोजगार के नए अवसर
नई औद्योगिक नीति के तहत प्रदेश में 8 लाख करोड़ रुपये के MoU साइन किए गए हैं। सेमीकंडक्टर प्लांट, AI डेटा सेंटर और टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से कार्य चल रहा है। 1,000 स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमियों के लिए विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। बारिश के बाद प्रदेशभर में विशाल रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा, आईटीवी नेटवर्क व इंडिया न्यूज के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
