बिलासपुर में करंट लगने से 2 मजदूरों की मौत: निर्माणाधीन मकान में 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए, एक को बचाने गया दूसरा भी झुलसा
August 5, 2026 upi24 news
बिलासपुर | 5 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे दो मजदूरों की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब दीवार जोड़ाई (मेसनरी) का कार्य चल रहा था और एक मजदूर का संपर्क मकान के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन से हो गया। साथी को बचाने पहुंचे दूसरे मजदूर को भी तेज करंट ने अपनी चपेट में ले लिया। दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
यह हादसा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कस्तूरबा नगर, रिंग रोड नंबर-2 स्थित एक निर्माणाधीन मकान में हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।
निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन मकान में मजदूर दीवार जोड़ने का काम कर रहे थे। इसी दौरान भूपेंद्र साहू का हाथ या शरीर मकान के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गए।
अपने साथी को बचाने के लिए रवि बंजारे तुरंत आगे बढ़े, लेकिन वह भी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। कुछ ही क्षणों में दोनों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा बेहद भयावह था। करंट लगते ही एक मजदूर नीचे गिर पड़ा, जबकि दूसरा बिजली के तार के संपर्क में आ गया। तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन लाइन में बिजली प्रवाहित होने के कारण कोई भी तत्काल उनकी मदद नहीं कर सका।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और बिजली विभाग को सूचना दी।
दोनों मृतक बिलासपुर के निवासी
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान—
- भूपेंद्र साहू
- रवि बंजारे
के रूप में हुई है। दोनों अशोक नगर स्थित डीएलएस कॉलेज के पास के रहने वाले थे और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे।
जिस निर्माणाधीन मकान में हादसा हुआ, वह अनूप सिंह का बताया जा रहा है।
पुलिस और बिजली विभाग ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माण स्थल के ठीक ऊपर 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है—
- क्या निर्माण शुरू करने से पहले बिजली विभाग से अनुमति ली गई थी?
- क्या हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण कार्य की अनुमति थी?
- क्या मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे?
- क्या बिजली लाइन से सुरक्षित दूरी बनाए रखी गई थी?
- क्या मकान मालिक और ठेकेदार ने सुरक्षा नियमों का पालन किया था?
यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
लगातार बढ़ रहे करंट हादसे
प्रदेश में हाल के दिनों में करंट लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हाल ही में बिलासपुर में खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से पूर्व सरपंच और उनके दो बेटों की मौत हो गई थी। वहीं रायपुर में भी बिजली की चपेट में आने से दो मजदूरों की जान जा चुकी है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बिजली सुरक्षा और निर्माण कार्यों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर यह तय किया जाएगा कि हादसे के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार थी।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईटेंशन बिजली लाइनों के पास निर्माण कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। कार्य शुरू करने से पहले बिजली विभाग से समन्वय करना, निर्धारित सुरक्षा दूरी बनाए रखना और मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य होना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- बिलासपुर के कस्तूरबा नगर में निर्माणाधीन मकान में बड़ा हादसा।
- 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत।
- पहले भूपेंद्र साहू करंट की चपेट में आए, उन्हें बचाने गए रवि बंजारे की भी मौत।
- दोनों मजदूरों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
- पुलिस और बिजली विभाग ने जांच शुरू की।
- प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की आशंका।
- निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
