चलती कार में स्टंटबाजी पर हाईकोर्ट सख्त, SSP से मांगा शपथपत्र; पूछा- क्या कार्रवाई हुई?
August 5, 2026 upi24 news
बिलासपुर, 5 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर के नेशनल हाईवे पर चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंट करने और रील बनाने के वायरल वीडियो पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह से व्यक्तिगत शपथपत्र (एफिडेविट) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने पूछा है कि वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई है और भविष्य में इस तरह की खतरनाक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने कौन-कौन से ठोस कदम उठाए हैं।
सिर्फ कार्रवाई के दावे से संतुष्ट नहीं हुआ कोर्ट
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से अदालत को बताया गया कि पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि 4 अगस्त को सामने आए मामले में संबंधित कार और उसमें सवार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस कार चालक और स्टंट करने वाली युवतियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
हालांकि हाईकोर्ट ने केवल मौखिक जानकारी से संतुष्ट होने के बजाय SSP को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि शपथपत्र में स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वायरल वीडियो के आधार पर किन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, न्यायालय के पूर्व आदेशों का पालन कैसे सुनिश्चित किया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
आज होगी मामले की अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को निर्धारित की है। इस दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और SSP की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले हलफनामे पर सुनवाई होगी।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी सख्ती
हाल ही में कोनी-सेंदरी रोड पर चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर युवतियों द्वारा रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में युवतियां चलती कार से बाहर निकलकर मोबाइल से वीडियो बनाती नजर आ रही थीं। इस घटना को सड़क सुरक्षा नियमों और मोटर वाहन अधिनियम का गंभीर उल्लंघन माना गया।
व्यस्त मार्ग पर स्टंट से बढ़ा हादसों का खतरा
कोनी-सेंदरी मार्ग बिलासपुर का प्रमुख और व्यस्त मार्ग है। इसी सड़क पर गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थान स्थित हैं, जिसके कारण दिनभर छात्रों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
ऐसे में चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंट करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि वाहन में सवार लोगों और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान को भी गंभीर खतरे में डाल सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी और रील बनाने की घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जता चुका है तथा पुलिस को ऐसे मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दे चुका है।

