दुर्ग-भिलाई, 5 अगस्त 2026। दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने दो प्रमोटी IAS अधिकारियों के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष से विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत भिलाई नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त राजीव कुमार पांडेय और भिलाई-चरोदा नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त डीएस राजपूत के खिलाफ की गई है। शिकायत के बाद लोकसभा सचिवालय ने मामले में राज्य शासन से जवाब मांगा है।
सांसद विजय बघेल का आरोप है कि दोनों अधिकारियों का जनप्रतिनिधियों के प्रति व्यवहार सहयोगात्मक नहीं था। वे न तो फोन कॉल का जवाब देते थे और न ही जनहित से जुड़े मामलों में मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराते थे। उन्होंने कहा कि शिकायत किसी एक घटना को लेकर नहीं, बल्कि लंबे समय से अधिकारियों के कार्य करने के तरीके को लेकर की गई है।
बिना टेंडर विकास कार्य कराने का आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि नगर निगमों में कई विकास कार्य बिना निर्धारित टेंडर प्रक्रिया पूरी किए शुरू कर दिए गए और बाद में उनका भुगतान भी कर दिया गया। इसके बाद औपचारिक रूप से टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने कहा कि जब इन मामलों की जानकारी मांगी गई तो अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।
केंद्र सरकार की योजनाओं में भी अनियमितताओं का आरोप
विजय बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं, विशेष रूप से स्वच्छता अभियान और 15वें वित्त आयोग की राशि से जुड़े कार्यों में भी अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में टेंडर जारी कर बाद में रद्द किए गए और फिर नई प्रक्रिया शुरू की गई। इन मामलों में भी अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को संतोषजनक जानकारी नहीं दी।
फोन तक नहीं उठाते थे अधिकारी
सांसद का कहना है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद अधिकारी फोन नहीं उठाते थे और जनप्रतिनिधियों के प्रश्नों का जवाब देने से बचते थे। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया है।
पार्षद भी जता चुके हैं नाराजगी
विजय बघेल ने बताया कि नगर निगमों के कामकाज को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं और कुछ मामलों की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि कई पार्षद भी अधिकारियों के व्यवहार से असंतुष्ट थे। पार्षद संतोष मौर्य भी विभिन्न मामलों में शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
18 मई को भेजा गया था शिकायत पत्र
सांसद ने बताया कि उन्होंने 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष को विस्तृत शिकायत पत्र भेजा था। शिकायत में इसे सांसद के विशेषाधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया है। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभाग के माध्यम से राज्य शासन से जवाब तलब किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से कर चुके हैं। फिलहाल दुर्ग सांसद की शिकायत पर राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।