छत्तीसगढ़: स्मार्ट मीटर और महंगी बिजली के खिलाफ कांग्रेस का तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू, सीएम हाउस घेराव की तैयारी
रायपुर, 1 अगस्त 2026।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश में बिजली की बढ़ती दरों, स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता और भारी-भरकम बिजली बिलों के विरोध में कांग्रेस ने 1 अगस्त से तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हल्लाबोल आंदोलन का आगाज कर दिया है।
आंदोलन की 3 दिवसीय रूपरेखा
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पहला दिन (1 अगस्त): जिला मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस
आंदोलन के पहले दिन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस वार्ता आयोजित की। इसमें सरकार की कथित “जनविरोधी बिजली नीतियों” और स्मार्ट मीटरों से जनता पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को उजागर किया गया।
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दूसरा दिन (2 अगस्त): विधायक-सांसद निवास और बिजली दफ्तरों का घेराव
प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा विधायकों, सांसदों, मंत्रियों के निवासों और जिला मुख्यालयों स्थित विद्युत विभाग के कार्यालयों के बाहर उग्र प्रदर्शन करेंगे व ज्ञापन सौंपेंगे।
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तीसरा दिन (3 अगस्त): राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव
आंदोलन के अंतिम दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राजधानी रायपुर में एकत्र होंगे और मुख्यमंत्री आवास (CM Residence) का घेराव करेंगे।
कांग्रेस के प्रमुख आरोप और मांगें
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स्मार्ट मीटर से बढ़ा आर्थिक बोझ: कांग्रेस का आरोप है कि प्रीपेड व स्मार्ट मीटर लगने के बाद से आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल दोगुने से तिगुने आ रहे हैं। रिचार्ज खत्म होते ही तुरंत बिजली काट दी जाती है, जिससे आम जनता परेशान है।
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बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि: पार्टी का कहना है कि सरकार ने बिजली की मूल दरों और वीसीए (Variable Cost Adjustment) चार्ज में भारी बढ़ोतरी कर मध्यमवर्ग और गरीब परिवारों पर आर्थिक प्रहार किया है।
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स्मार्ट मीटर योजना रद्द करने की मांग: कांग्रेस ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और उपभोक्ताओं को पुराने मीटरों के साथ सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए।
