खाद्य सुरक्षा पर बड़ा फैसला: छत्तीसगढ़ में ‘एनालॉग पनीर’ की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, स्वास्थ्य विभाग सख्त

रायपुर (UPI24 News)। प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने ‘एनालॉग पनीर’ (Analog Paneer) यानी पाम ऑयल और मिल्क पाउडर मिलाकर तैयार किए जाने वाले नकली पनीर की बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जारी कड़े निर्देशों के अनुसार, प्रदेशभर में मिलावटी और एनालॉग पनीर की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

क्या होता है ‘एनालॉग पनीर’?

एनालॉग पनीर असली दूध के फैट से नहीं बनता। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से:

  • वेजीटेबल ऑयल / पाम ऑयल

  • मिल्क पाउडर और स्टार्च

  • रसायन और थिकनर (Thickeners) का इस्तेमाल किया जाता है।

दिखने में यह बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन सेहत के लिए यह बेहद हानिकारक माना जाता है। ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंटों में लागत कम करने के लिए इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

दुकानदारों और होटलों पर होगी सख्त कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (Food Safety Officers) को निर्देश दिए हैं कि वे बाजारों, डेयरी दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंटों में छापेमारी कर जांच तेज करें। यदि कहीं भी एनालॉग या मिलावटी पनीर की बिक्री या इस्तेमाल पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और जब्ती की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।