धार भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए मिला वैकल्पिक स्थान, दरगाह परिसर में अदा की गई जुमे की नमाज

धार / नई दिल्ली (UPI24 News)। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक एवं विवादित भोजशाला परिसर मामले में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्देशों का पालन करते हुए स्थानीय प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुस्लिम पक्ष को जुमे की नमाज अदा करने के लिए परिसर के पास ही स्थित दरगाह परिसर में वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।

प्रशासन की इस पहल के बाद क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोजशाला परिसर की संवेदनशीलता को देखते हुए धार जिला प्रशासन और पुलिस बल द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

  • वैकल्पिक स्थान: सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत नमाजियों के लिए पास के ही दरगाह परिसर में स्थान नियत किया गया था।

  • प्रशासनिक सतर्कता: किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की निगरानी करते रहे।

क्या है विवाद?

धार का भोजशाला परिसर वर्षों से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है। हिंदू पक्ष इसे देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद का हिस्सा मानता है। इस मामले में एएसआई सर्वेक्षण और पूजा-नमाज के अधिकारों को लेकर मामला अदालत में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट के इस हालिया फैसले से क्षेत्र में शांति बनाए रखने और दोनों पक्षों के अधिकारों के संतुलन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।