चीन की नई चाल: माउंट एवरेस्ट के पास तिब्बत में बनाया हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन हब, LAC पर बढ़ेगी निगरानी

नई दिल्ली (UPI24 News)। भारत-चीन सीमा विवाद के बीच चीन ने तिब्बत क्षेत्र में माउंट एवरेस्ट के पास एक नया उच्च-ऊंचाई (High-Altitude) ड्रोन अनुसंधान एवं परीक्षण केंद्र स्थापित किया है। यह ड्रोन हब रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में बनाया गया है, जिससे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की सैन्य क्षमताओं में इजाफा होने की संभावना है।

इस नए ड्रोन सेंटर का मुख्य उद्देश्य अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आधुनिक ड्रोन तकनीकों का परीक्षण करना, सुरक्षा गश्त (Security Patrol) को तेज करना, लॉजिस्टिक्स/रसद आपूर्ति और भारत-चीन सीमा पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखना है।

मुख्य बिंदु और रणनीतिक मायने:

  • हाई-एल्टीट्यूड टेस्टिंग: कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ठंड वाले तिब्बती पठार पर चीनी सेना (PLA) अपने एडवांस सर्विलांस और लॉजिस्टिक्स ड्रोनों का परीक्षण करेगी।

  • LAC पर बढ़ेगा तनाव: सीमा के इतने पास ड्रोन बेस बनने से भारतीय सेना की गतिविधियों पर निगरानी रखने की चीन की क्षमता बढ़ेगी, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती है।

  • लॉजिस्टिक्स में मदद: कठिन पहाड़ी इलाकों में सैन्य चौकियों तक रसद और हथियार पहुंचाने के लिए चीन इन हैवी-लिफ्ट ड्रोनों का उपयोग करेगा।

भारतीय रक्षा विशेषज्ञ चीन के इस कदम को एलएसी (LAC) के आसपास अपनी सैन्य अवसंरचना (Infrastructure) को मजबूत करने की निरंतर रणनीति के रूप में देख रहे हैं।