पश्चिम एशिया में गहराया संकट: कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमला; राष्ट्रपति के सैन्य अधिकारों पर रोक का प्रस्ताव US सीनेट में निरस्त

वाशिंगटन / कुवैत सिटी (UPI24 News)। मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में स्थिति दिन-ब-दिन और अधिक तनावपूर्ण होती जा रही है। हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर की गई बड़ी सैन्य कार्रवाई के जवाब में अब जवाबी हमलों का दौर शुरू हो गया है। प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार, कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और गहरा गया है।

दूसरी तरफ, अमेरिका की घरेलू राजनीति में भी इस सैन्य कार्रवाई को लेकर खींचतान तेज हो गई है।

अमेरिकी सीनेट में मामूली अंतर से खारिज हुआ प्रस्ताव

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी सीनेट (US Senate) में राष्ट्रपति के सैन्य अधिकारों (War Powers) को सीमित करने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाया गया था। इस प्रस्ताव का उद्देश्य राष्ट्रपति को संसद की मंजूरी के बिना आगे की सैन्य कार्रवाई करने से रोकना था।

हालांकि, सीनेट में हुई वोटिंग के दौरान यह प्रस्ताव बेहद मामूली अंतर (49-50) से निरस्त (Vote Down) हो गया। प्रस्ताव के खारिज होने के बाद अमेरिकी प्रशासन के पास क्षेत्र में सैन्य कदम उठाने की छूट बरकरार रहेगी।

क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात

ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष टकराव ने मध्य पूर्व के अन्य देशों की चिंता बढ़ा दी है। कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और हाई अलर्ट जारी किया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संयम बरतने की अपील कर रहा है।